Friday, February 8, 2008

कुछ गलत हो गया तो ?

वे कहते थे -
बोला न करो
कुछ गलत बोल गयीं तो..
लेने के देने पडेंगे ....

वे कहते थे -
चला न करो
अपनी मर्ज़ी से
कहीं गलत चल पडीं तो...
लेने के देने पडेंगे ..

वे कहते थे -
जवाब तलब न करो
कुछ गलत सुन लिया तो ...
लेने के देने पडेंगे ....

एक दिन
मैने कहा -
नही जलाती चूल्हा
नमक गलत पड गया तो...
हल्दी ज़्यादा हो गयी तो...
चावल कच्चे रह गये तो...

मैने कहा-
आज नही धोते कपडे
मैले रह गये तो ....
नही साफ करूंगी घर
गन्दा रह गया तो .....
लेने के देने पडेंगे .....


मणिमाला

7 comments:

azdak said...

मगर टिप्‍पणी छोड़ने में भी कुछ गलत हो गया तो? लेने के देने पड़ेंगे?..

Unknown said...

जब कुछ बोलने की
बारी हो
चुप रह गये
और कुछ
गलत हो गया तो...

drbejijaison@gmail.com

ghughutibasuti said...

बहुत बढ़िया ! :)
घुघूती बासूती

Sanjeet Tripathi said...

चोखेर बाली पढ़ रहा हूं, इस समूह ब्लॉग का बनना अच्छा लगा!
इस समूह की अधिकतर सदस्याओं को उनके अपने ब्लॉग पर पढ़ता ही आया हूं और उनके लेखन से बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला है जिसके लिए मैं उन सभी का आभारी हूं क्योंकि इस सीखने और समझने से मानसिकता में बदलाव अवश्यंभावी है।

आप सभी का लेखन प्रभावित तो करता ही है साथ ही सोचने को मजबूर भी करता है कि हम पुरुष क्या हैं और जैसे भी हैं वैसे क्यों हैं।

शुभकामनाएं

Keerti Vaidya said...

sach aa gaya maja apko padh kar...

Bandmru said...

bhaut khub....
lekin sambhal ke
kuchh galat likha gaya to....

is men bhi lene ke dene pad sakten hain...

lene dene men maza aa gaya..

dilip uttam said...

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