Saturday, March 29, 2008

द वूमन्स वर्क इज़ नेवर डन

व्यक्तिगत रूप से मैं ट्रेसी चैपमैन का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। पिछले बीस-तीस सालों में विश्व के संगीत-संसार में उभरी सबसे मीठी और सजग आवाज़ों में एक आवाज़ है ट्रेसी की। प्रेम को पूरी ईमानदारी से निभाने वाली स्त्री को मिलने वाले छलावे और दर्द को ट्रेसी अपने ज़्यादातर गीतों का विषय बनाती हैं। आम तौर पर बाकी गानों में इस थीम पर बहुत हायहाय करने का रिवाज़ है। ट्रेसी चैपमैन के यहां प्रेम में हार पाई औरत कोई दयनीय नायिका नहीं होती; वह उतनी ही संवेदनशील बनी रहती है और तार्किकता की सान पर बीते समय को परखती है और पहले से अधिक मजबूत बन कर बाहर आती है।




आज जो गीत मैं इस ब्लॉग पर अपनी पहली पोस्ट के तौर पर लगा रहा हूं, उस के लिए इस से बेहतर प्लेटफ़ॉर्म और कहां मिलेगा। (यह बार दीगर है कि इस गीत को कुछ माह पहले कबाड़ख़ाने पर लगाया जा चुका है। लेकिन तब तक इस तरह का कोई और कम्यूनिटी ब्लॉग नहीं था।) मुझे आशा है मैं शीघ्र ही ट्रेसी के नए अल्बम 'टैलिंग स्टोरीज़' से जल्द ही आपको कुछ और संगीत सुना सकूंगा।

गीत के बोल देखिए:

Early in the morning she rises
The woman's work is never done
And it's not because she doesn't try
She's fighting a battle with no one on her side

She rises up in the morning
And she works 'til way past dusk
The woman better slow down
Or she's gonna come down hard

Early in the morning she rises
The woman's work is never done

4 comments:

सुजाता said...

मार्मिक गीत सुन्दर संगीत !!
धन्यवाद ,अशोक जी इसे सुनवाने के लिए ।

अमिताभ मीत said...

बहुत ख़ूबसूरत अशोक भाई. ओह ! आप का ख़ज़ाना.

Udan Tashtari said...

वाह!! और क्या कहें!!

gyanjeevi said...

बेहतरीन संगीत ओर शब्द लाजवाब.

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