Wednesday, August 20, 2008

डायमेंडस आर अ गर्ल्स बेस्ट फ्रेंड {?}


बार-बार यह कहते हुए मुझे कि पितृसत्ता ने स्त्री की मातहती और दासता के लिए हर व्यवस्था और बदलाव के साथ साथ शोषण के अपने औज़ारों को और पैना व तीखा किया है ,मुझे पूरी आशंका रहती है कि "घर बिगाड़ू और समाज विध्वंसक" जैसी लानते और मिली खुशियों को खो देने की चेतावनियाँ मिलेंगी । और वे मिलती हैं। हम भी ढीठ ही हैं। बुरी औरतें हैं।पर बुरी औरतों की यह तादाद बढ रही है।इस बात की खुशी है।
पितृसता का बाज़ार ने और पूंजीवाद ने खूब साथ दिया है।इसलिए जब काली लड़की के विवाह मे बाधा आती है तो तुरंत फेयर्नेस क्रीम वाले आगे आते हैं इस नारे के साथ-"खूबसूरती बस मे, दुनिया कदमों में" या ऐसे वाशिंग पाउडर की खोज होती है जिससे पत्नी को कपड़े धोने मे कम पसीना बहाना पड़े और नो पसीना कमीशन पतियों को पकड- कर केस न कर सके। हँसी हँसी मे ,खेल खेल मे कपड़े धोना पत्नी का पुरातन दायित्व स्वीकार करने को मान्यता मिल गयी।
मुझे लगा मेरे मन की बात कह दी गयी जब बारबरा ने हैरान होकर लिखा-कि
कलकत्ता में उसने बड़े बड़े होर्डिन्ग्स पर गहनों के विज्ञापनों में "डायमेंडस आर अ गर्ल्स बेस्ट फ्रेंड" लिखा देखा ।विज्ञापनों मे सुन्दर मॉडलों को आकर्षक मुस्कान और संतोषपूर्ण भाव भंगिमा में देखना सोच मे डालता है।वे लिखती हैं -
Their alluring smiles and ecstatic countenance as if to display a sense of happiness, fulfillment, makes me wonder what would happen if those signs were replaced with ones that speak of female feoticide and infanticide, of the dowry murders that plague India. Would it prompt women to long for the life, freedom, and power of themselves over the ephemeral pleasure that their jewels bring? How is it, I ask myself, that what a woman decorates herself with is more important than her safety, her liberty, her life?
हद है कि आज भी अभिभावक बेटी को ज़्यादा से ज़्यादा गहने देन मे नही हिचकिचाते पर उसे आत्मरक्षा व आत्म सम्मान की रक्षा की शिक्षा और विवेक देने मे हमेशा कंजूसी कर जाते हैं।

20 comments:

Manvinder said...

sujaata. swaal achcha hai...mata pita dahej juta sakte hai lekin use achchi taalim dene de naam per aarthik tagi ki duhaai dete hai....
je mansik gulaami se peecha chudana nahi chahte hai....shaadi ke baad bhale hi use takleef uthaani pade
gahne de ker ladki ko kamjoor kiya tata hai...

pallavi trivedi said...

हद है कि आज भी अभिभावक बेटी को ज़्यादा से ज़्यादा गहने देन मे नही हिचकिचाते पर उसे आत्मरक्षा व आत्म सम्मान की रक्षा की शिक्षा और विवेक देने मे हमेशा कंजूसी कर जाते हैं।

poori tarah sahmat....

वर्षा said...

विज्ञापन में तो बाइक बेचने के लिए भी ख़ूबसूरत मॉडल खड़ी कर देते हैं। पर अच्छी बात ये है कि बदलाव आ रहा है। पहले की तुलना में ज्यादा तेज़ी से।

Rachna Singh said...

डायमेंडस आर अ गर्ल्स बेस्ट फ्रेंड {?}
if and only if the girls have the power to buy them themselfs . all these big companies like nakshatra etc chose top models like ashvariya rai , bipasha basu etc because these names are symbolic of " woman power " woman empowerment " . all thse models have acheived sucess on their own in thier own feilds .
DIAMONDS are symbol of POWER BECAUSE THEY ARE VERY EXPENSIVE .
sushmita sen has a diamond which is very big solitaire . she says that she will marry a man who can either purchase another diamond of the quality she has or who has capacity to win her heart . she also wrote that " SHE PURCHASED THIS DIAMOND BECAUSE SHE WANTED TO SHOW TO THE WORLD THAT THEY CANT PURCHASE HER BY GIVING HER A DIAMOND . SHE HAS THE POWER TO BUY THE DIAMOND. "
your post is good but most readers will think that models and hoardings with photos of woman mean that woman are used . no advertising with woman model means that "woman model is more powerful then the product she is modelling "
LETS ALL EMPOWER DAUGHTERS AND OUR SELFS AND ANY WOMAN WE COME ACCROSS TO MAKE THEM STRONG SO THAT WE ALL CAN PURCHASE A DIAMOND FOR OURSELFS BECAUSE BUYING A DIAMOND MEANS BECOMING POWERFUL

Anil Kumar said...

हीरे और कोयले में क्या फर्क होता है, ये बहुत कम लोग जानते हैं. कोयला और हीरा दोनों ही कार्बन का रूप होते हैं. बस हीरे की अणु-व्यवस्था के कारण वह चमकने लगता है और उसकी कीमत बढ़ जाती है. हीरे को यदि आप एक मोमबत्ती की लौ में १० सेकंड के लिए रखें तो वह गायब हो जाएगा, राख भी नहीं बचेगी, क्योंकि वह एक "शुद्धतम कोयले" से भी शुद्ध है.

ऐसे नश्वर हीरे को कैसे किसी का दोस्त बता सकते हैं? पैसा न किसी का दोस्त हुआ है, न होगा. इंसान को इंसान का दोस्त बनना चाहिए न की हीरों का.

दिनेशराय द्विवेदी said...

आलेख सही है, उस पर रचना जी का विश्लेषण एकदम सटीक। यह हिन्दी में होता तो बेहतर होता। महत्वपूर्ण टिप्पणियों को हिन्दी में अनुवाद कर लगाया जा सकता है। श्रम तो होगा लेकिन बात अधिक लोगों तक पहुँचेगी।

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

नारी के कष्टों का एक मात्र निवारण उचित शिक्षा के माध्यम से ही हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी माँ और बाप दोनो पर बराबर है। सभी लोग इस अभियान को आगे बढ़ायें तो बेहतर परिणाम आएगा। ...सिर्फ़ विलाप करना इसका हल नहीं है।

Anonymous said...

Rachna Singh said...
THAT WE ALL CAN PURCHASE A DIAMOND FOR OURSELFS BECAUSE BUYING A DIAMOND MEANS BECOMING POWERFUL
हा हा हा हा
पॉवर की क्या परिभाष दी है आपने ।गहनों और रसोई के इर्द गिरद ही स्त्रियों को घुमाइये।सभी स्त्रियाँ आपकी तरह बिज़नेस वूमेन बन कर डायमेंड्स खरीदेंगी तभी पॉवर्फुल बनेंगी क्या?और उस पर यह कि डायमेंड खरीद सकती है , तो ऐसा ही पति चाअह्ती है जो वैसा ही सॉलिटेयर खरीद सकती है। हा हा ! स्त्री विमर्श करना कोई आपसे सीखे।डायमेंड पॉवर का प्रतीक है!!!और इस सबके पीछे बाज़ार की साज़िस आपको नही दिखाई देती?

rakhshanda said...

ये सब बाज़ार की साजिश तो है लेकिन इसका असर बहुत घातक है, जब से बाज़ार ने हीरे इस तरह प्रचार देना शुरू किया है, लड़कियों और स्त्रियों पर इसका वैसा ही प्रभाव होना शुरू हो गया है, पति कुछ भी ज्यादती करें, हीरा खरीद कर दे देन तो बीवी खुश...कितना छोटा बना दिया गया है ओरत को...बहुत शानदार पोस्ट सुजाता जी.

Renu said...

I also agree to an extent with rachnaji,in the sense that these posters dont make a woman weak or powerful, power comes with knowledge, economic independence, education and finally assertion.For me being powerful doesnt mean dressing like a man,not cooking, not looking after the family or being indisciplined in life. For me power means being a woman in all essence, being feminine, caring, patient, being a good ,mother, wife,and being able to do what u want without hurting anyone, being sensitive to the family, society and then to the whole world.
and i am proud to say that I have brought up a daughter like this, and today she is an educated, employed, happy wife and good daughter-ibn-law.

Rachna Singh said...

dinesh ji i am out of india so forgive me for not writing this comment in hindi
anaam ji diamond is a symbol of power , you really need to brush up more on woman empowerment and i am sure you will agree with me . and i am surprised that you know me so well that you know i am a business woman !!!!!!
renu
great to know you have groomed your daughter so well , i am sure she will buy diamonds not just for her self but for you also , i did for my mother

neelima garg said...

Agreed with Rachna....when u purchase dimonds by ur own earnings,this gives a sense of happiness.....for that one has to be self sufficient....

Unknown said...

@हद है कि आज भी अभिभावक बेटी को ज़्यादा से ज़्यादा गहने देन मे नही हिचकिचाते पर उसे आत्मरक्षा व आत्म सम्मान की रक्षा की शिक्षा और विवेक देने मे हमेशा कंजूसी कर जाते हैं।

लगभग सभी अविभावक यह शिक्षा देते हैं. आज के माहौल में यह शिक्षा बहुत जरूरी है, पर बेटियाँ भी तो गहनों की उम्मीद करती हैं. नारी का गहनों के प्रति आकर्षण आज विज्ञापन कर्ता अपने व्यवसाय की सफलता के लिए प्रयोग करते हैं. यह लगभग हर ऐसी बस्तु के विज्ञापनों में नजर आता है जो कहीं किसी भी प्रकार स्त्री सौन्दर्य या आवश्यकता से सम्बंधित है. बैसे मजेदार बात यह है कि हीरों से सम्बंधित यह सब विज्ञापन बाहर से आए हैं.

शोभा said...

एकदम सही बात है। आपने विषय की सुन्दर और विशद व्याख्या की है। बधाई स्वीकारें।

Asha Joglekar said...

sujata ji achcha sawal hai par kitani betiyan hain jo sirf achchi shiksha deeksha se santusht hain maine aisee kaee ladkiyan dekhin hain jo jewar aur badhiya ceremony se kum men taiyar nahi hoteen. kuch lekh ladkiyon kee soch badalne me sahyak ya vichar prawartak bhee hone chhiyen. par aapke jwalant lekh muze achche lagte hain.

Rachna Singh said...

aasha mam
shiksha should be seen in a broader sense much above the "education part"
we have to not only educate our daughters but we have to "teach or groom them mentally " that they have to be self sufficient to get the "power" in their hands so that they can become equals in true sense . power comes with education , job and mental strength that from today on i will not think any thing as my own till i earn it myself .
if we are able to make each girl understand this , things will change .
maraige should not mean that woman becomes dependent on man to survive . marriage means 2 souls getting united and for that no ceremony is needed no money is needed

सुजाता said...

आशा जी, धन्यवाद !
रचना आपने इस पंक्ति पर ध्यान नही दिया-
diamonds are a girls "best" friends.
यह पंक्ति क्या सन्देश दे रही है?हमारे देश मे जहाँ लड़कियों को गहनों से अतिशय प्रेम बचपन से मिलता है उनके लिए यह पंक्ति घातक है।एक हीरा एक लड़की द्वारा खुद खरीदा गया हो तो निश्चित रूप से यह उसकी ताकत है।पर यही सब कुछ नही है।यूँ अब तक सुना था कि मनुष्य का सच्चा दोस्त पुसतकें होती हैं।
हीरे केवल आपकी"पर्चेज़िन्ग पॉवर" के प्रतीक हैं और अगर पर्चेज़िंग पॉवर ही सब कुछ है तो मेरा खयाल है कि मध्यवर्गीय या निम्नमध्यवर्गीय या निमंवर्गीय स्त्री को तो पॉवर कभी नही मिलने वाली ।

रंजू भाटिया said...

@सुजाता जी ...http://ranjanabhatia.blogspot.com/2008/08/blog-post_21.html यह लेख गहनों की जानकारी व उनसे जुड़े काया विज्ञान के संदर्भ में था . न की किसी तरह से यह बताना की किसी के पास गहने नही होंगे तो वह शक्ति हीन होगा :)| किसी भी इंसान का चाहे वह स्त्री हो या पुरूष के असली गहने उनकी शिक्षा ,उनका व्यवहार और उनका चरित्र होता है | कोई भी भौतिक चीज किसी को सर्वगुण सम्पन्न नही बना सकती है | मैंने जैसा पहले भी लिखा है इस लेख में की मैं किसी भी प्रांत की संस्कृति ,परम्परा .रीतिरिवाजों और उन लोगो की वेशभूषा से बहुत प्रभावित होती हूँ क्यूंकि मुझे वह उस जगह से जुड़े कैसे शुरू हुआ होगा क्यूँ पहना होना यह आदि आदि जिज्ञासा से रूबरू करवाते हैं | और मैं कश्मीर में काफ़ी वक्त गुजार चुकी हूँ सो वहां के पहने जाने वाले आभूषण मुझे अपनी तरफ़ हमेशा आकर्षित करते रहे हैं इसलिए मैंने वही लिखा है की वहां इन गहनों को पहनने का मतलब क्या है और यहाँ शक्ति का अर्थ काया विज्ञान से जुडा है | और सबने उसको उसी तरह से पढ़ा भी है यह इस लेख पर आने वाले कॉमेंट्स बताते हैं |
अब कोई गहने पहने या न पहने यह उसकी व्यक्तिगत आजादी है सोच है |मेरा यह मानना है कि जो आप नही करना चाहते कोई आपसे जबरदस्ती कम से कम अब के समय में नही करवा सकता है ...शिक्षा का प्रसार अभी बहुत अधिक न सही पर इतना तो हो चुका है की कम से कम पहनने ओढ़ने के बारे में हर व्यक्ति अपनी पसंद को प्रथामिकता देता है | बाकी आपकी यह पंक्ति की ""हीरा है नारी का सबसे अच्छा दोस्त "' .यह तो बाज़ार के अपने उत्पाद को बेचने की मानसिकता है ..| कुछ चीजे हमें पीढी दर पीढी विरासत में मिलती है जैसे गहनों के प्रति नारी का लगाव .. और उसी चीज को यह बाज़ार केश करता है | और आज कल के लड़कों का रुझान जिस तरह से गहनों की तरफ़ बढ़ रहा है हो सकता है यह पंक्ति आप बिना किसी लिंग के भेद भाव किए बिना पढ़े की हीरा है सबका सबसे अच्छा दोस्त :)

Renu said...

ajkal agar aap ladkiyon se var chun ne ko kahenge aur choice denge ki 2 hain
1-ek ha jo susnskrit pariwar se ha,ucch shikshit ha, par madhyam warg ka ha aur us par pariwar ki jmmedaari ha.
2-ek audhyogik bade dhandhay pariwar se ha, shikshit ha, par wahan kuch bandham bhi honge
to aapko kya lagta ha ladkiya kise chunengi?
aapka uttar hi is pricharcha ka jawab ha

Rachna Singh said...

dost yaani jo aap kae sukh mae dukh mae kaam aaye
hira best frined kyoki agar aap isko karidh saktey haen to aap sukh sae haen
aur aagar yae aap kae paas haen to dukh mae aap isko baech saktey haen

agar financial independece kasymbol maaney aap heeray kaa khridnaa to woh naari kaa sabsey acchaa dost hee haen
aur hira symbolic bhi haen wo har cheez jo aam aadmi ki pahuch sae baahar hotee haen uskae liyae hiraa hotee haen
so yae desire karna ki ham hira karid sakey aap ko aagey badney kaa rastaa dikhaayega

aur imaandari sae likhey kii ham mae sae kitni mahilaa heera nahin pehnaa chahtee
diamond is symbol of power and power comes thru money
money comes thru education
education comes thru books
books make you self sufficient to earn
and when you earn you have the power to purchase

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