Thursday, August 21, 2008

कुछ तस्वीर को भी कहने दें......

वैसे तो यह महज़ एक मज़ेदार रेखांकन है, आप इसे गंभीर टिप्पणी भी मान सकते हैं।

14 comments:

आर. अनुराधा said...

वाह-वाह!!!! लाजवाब!!!!!

Unknown said...

वास्तविकता की और इशारा करता हुआ एक अच्छा व्यंग है.

L.Goswami said...

bechari naari!!

Anonymous said...

ha ha

rangbaaz said...

बेहतरीन व्यंग्य .

Manvinder said...

oooooooooh nooooooooooooo

Anonymous said...

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Please Review it and give some suggestion .
Waiting For Yours reply.....
Ankit

Dr. Shashi Singhal said...

भई वाह , क्या बात है । बडा़ अच्छा व्यंग्य दर्शाता चित्र है । मजा आ गया ।

Udan Tashtari said...

तस्वीर बोल उठी!! वाह!!

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

हम तो लाजवाब हो गये। वाह!
...लेकिन इस सिंक से बाहर निकलने के रास्ते भी बन रहे हैं,और बहुत सी आधुनिक नारियाँ बेहतरी की ओर बढ़ भी रही हैं। हमें आशावादी होकर इस दिशा में आगे बढ़ना है...

पूजा प्रसाद said...
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पूजा प्रसाद said...
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पूजा प्रसाद said...
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Renu said...

kahan ajkal ladkiya kitchen me jaana chahti hain? hame to koi dikhti nahi:)

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