Tuesday, September 9, 2008

Being vegetarian

Its really impressive that global warming can be reduced by being vegetarian . It is an added advantage and will reduce the emission of greenhouse gases . As it is global warming is causing srrious problems for the world and vegetarian people may feel happy ....being the reason for reducing it.

8 comments:

Tys on Ice said...

considering that the meat is already in the market , I fail to understand how not eating meat for a day in a week, will reduce the greenhouse gases.

now, it wud hve been more smarter just to give the cows some pudinhara

खुल के बोल said...

मुझे लगता है इस पोस्ट का चोखेरबाली मंच से कुछ लेना देना नही है

आर. अनुराधा said...

अगर कोई इस बारे में और जानना चाहे तो एक वेबसाइट है- 'काउंचरपंच'। इस पर GEORGE WUERTHNER का एक लेख है Behind the Bovine Curtain। इसका लिंक नीचे दे रही हूं।

By http://209.85.175.104/search?q=cache:LVvTAH3FHRUJ:www.counterpunch.org/wuerthner10102007.html+meat+eating+environment&hl=en&ct=clnk&cd=2

Unknown said...

अच्छी जानकारी देती है यह पोस्ट. मैं शाकाहारी हूँ. पढ़ कर अच्छा लगा कि कम से कम मैं इस मामले में तो मैं ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार नहीं हूँ.

Pooja Prasad said...

मांसाहार ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है, यह एक और वजह हो गई शाकाहारी बनने और लोगों को प्रेरित करने की दिशा में। मुझे लगता है, मांसाहारी भाई बहनों को इस बाबत जरा ताकिZकता के साथ विचार करना चाहिए।

आर. अनुराधा said...

बात सही है, सब ठीक है, लेकिन एक बात जो उतनी ठीक नहीं है वो ये कि यह मसला हिंदुस्तान जैसे मांसाहार की कम खपत वाले देश के लिए उतना मौज़ूं नहीं, जितना विकसित देशों के लिए। इस बारे में अखबार की खबर का एक हिस्सा है-"A citizen of UAE eats nearly 100 kg of poultry products per person annually. India might be famous for its tandoori chicken, but an average Indian just eats 2.1 kg of poultry products per person per year according to the US Department of Agriculture. And an average American chews upon 46 kg of chicken in a year and a Chinese 8.7 kg.
The story is the same for beef. An average Indian consumes 1.6 kg of beef and buff products while an average American eats 41.7 kg every year and a Brazilian 37.6 kg."
अब इस मुद्दे के राजनीतिक पहलू के बारे में भी सोचना चाहिए। वैसे ही, जैसे अमरीका और योरोप ने CFC के भयानक दर्जे के इस्तेमाल के बाद दुनिया में इस पर रोक के लिए नियम बना दिए। वही स्थिति इस मुद्दे पर भी है। मेरा यह सोचना non-veg के समर्थन में कतई नहीं है लेकिन मुद्दे के एक पहलू यह भी है।

Anonymous said...

Ask Pachauri to stop flying between different countries and releasing his gases. That's the real cause of global warming.

This fellow flies down from the US all the way to India just to play cricket. Pray what happens to the amount of greenhouse gases his lifestyle is emitting.

He's just a hot gas balloon. Ignore him.

आर. अनुराधा said...

I fully agree with Philip

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