Wednesday, September 3, 2008

उड़ान

बादलों से कह दो कि अगर
देखनी है हमारी उड़ान ,
तो अपना कद बढ़ा लें
हम पंखों से नही ,
हौसलों से उड़ान भरते हैं ......
सच ही है कि आज कि नारी का विश्वास , साहस ही उसकी पहचान है , उसकी उड़ान निहित है मन कि शक्ति में .....मेरी नजर में येही सही नारीवाद है ...

-----नीलिमा गर्ग

10 comments:

Indian Home Maker said...

" उसकी उड़ान निहित है मन कि शक्ति में "
बहुत खूब! मैं पूई तरह से सहमत हूँ की नारी की हिम्मत मनोबल में निहित है. हर परिस्थिति में , चाहे किसी का सहारा हो या न हो, यदि ख़ुद पर विशवास हो तो हमें कोई आसानी से डिगा, डरा या दबा नहीं सकता.

आलोक साहिल said...

बिल्कुल सही और सशक्त नजरिया है आपका.इस नजरिये को और धारदार बनते रहिये.
आलोक सिंह "साहिल"

manvinder bhimber said...

udhan man se hi bhari jaati hai....
mai sahmat hu pase....
esse hi jash bharti rahe
bhadhaaee

manvinder bhimber said...

udhan man se hi bhari jaati hai....
mai sahmat hu pase....
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udhan man se hi bhari jaati hai....
mai sahmat hu pase....
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नीरज गोस्वामी said...

हम पंखों से नही ,
हौसलों से उड़ान भरते हैं ......
वाह....इश्वर इस हौसले को ऐसे ही बनाये रखे...खुद्दारी से भरी रचना...बहुत खूब.
नीरज

संगीता मनराल said...

वाह बहुत खूब नीलिमा जी, ये तो सच है, उम्मीद है आने वाला कल और हौसलें बुलंद करेगा आमीन||

Unknown said...

बचपन में पढ़ा था, ईश्वर उसकी मदद करता है जो ख़ुद अपनी मदद करता है. यह सही है कि मन की शक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती.

neelima garg said...

thanks all...

Anonymous said...

बहुत साल पहले दूरदर्शन पर उड़ान नामक टीवी सीरियल आता था। मुझे बेहद पसन्द था। यह चिट्ठी पढ़ कर उसी की याद आ गयी। काश कुछ ऐसे सिरियल और बनते।

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