Saturday, September 20, 2008

सार्थक पहल

माँ बच्चे को जन्म देती है अथ सभी दस्तावेजों में माँ और पिता दोनों का नाम होना चाहिए जो उचित ही है ...सरकार को एस विषय में सार्थक पहल करनी चाहिए ...
----नीलिमा गर्ग

9 comments:

roushan said...

अभी पासपोर्ट के एक मामले में एक लड़की को पासपोर्ट सिर्फ़ इसलिए नही मिल पाया क्योंकि वह सिर्फ़ अपनी माँ का नाम उल्लेखित कने की इच्छुक थी. यह स्थिति भेदभाव युक्त समाज और स्त्रियों की कमतर स्थिति का बयान करती है. अब मौका आ गया है कि माँ बाप को न सिर्फ़ समान स्थान मिले बल्कि इस तरह की व्यक्तिगत इच्छाओं को पूरा सम्मान मिले.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

कई सरकारॊ ने तो इस दिशा में सार्थक पहल कर भी दी है। अपना यू.पी भी उनमें से एक है।

Udan Tashtari said...

सही है-इस दिशा में पहल होना चाहिये.

Unknown said...

बहुत से विभागों में मां का नाम लिखना जरूरी हो गया है अब. अभी हमने अपनी बेटी का बेंक एकाउंट खुलवाया तो उस की मां का नाम फार्म में भरा गया.

makrand said...

its an need of an hour

आर. अनुराधा said...

मकरंद, ये तसवीर जूनियर मकरंद की है न!किसी को गलतफहमी भी हो सकती है कि आप कम उम्र के हैं, हाहा!!

वर्षा said...

हालांकि अब बहुत सारे फॉर्म में मां का नाम डाला जाता है। पर कानून के सहारे इस दिशा में बेहतर पहल की जा सकती है।

pallavi trivedi said...

एक सार्थक पहल है...और अत्यंत आवश्यक भी!

Asha Joglekar said...

स्कूल में दाखिला करवाते समय अभी भी पिता का नाम लिखना अनिवार्य होता है इसे माँ या पिता कर देना चाहिये ।

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