Saturday, September 6, 2008

नया ज्ञानोदय मे साइबर फेमिनिज़्म और हिन्दुस्तान में चोखेर बालियाँ

यह मानविन्दर भिम्बर का सराहनीय प्रयास है कि हिन्दुस्तान के मेरठ संसकरण में रीमिक्स पेज के "ब्लॉग से" कॉलम में वे हिन्दी के ब्लॉग्स पर जानकारियाँ और समीक्षा लिख रही हैं।कल के अंक में उन्होंने चोखेर बाली पर एक बेहद अच्छा लेख लिखा है जिसे आप यहाँ पढ सकते हैं या सीधे उनके ब्लॉग पर कमेंटस के साथ भी।




इसके अतिरिक्त इस बार के "नया ज्ञानोदय" के अंक में मनीषा कुलश्रेष्ठ का लेख आया है "सायबर फेमिनिज़्म" जिसमें उन्होंने सायबर फेमिनिज़्म को परिभाषित करते हुए - मोहल्ला, प्रत्यक्षा,डॉटर्स क्लब , मनोशी ,चोखेर बाली का उल्लेख किया है।मोहल्ला ,डॉटर्स क्लब ,और प्रत्यक्षा के ब्लॉग के पते मौजूद हैं {जिनमें सिर्फ मोहल्ला का पता सही रूप से छपा है,बाकि शायद छापे की त्रुटि के शिकार हो गये}चोखेर बाली का पता नही दिया गया है।साथ ही एक छोटी {जो शायद उतनी छोटी नही}सी भूल यह है कि मानोशी के ब्लॉग का पता उन्मुक्त ब्लॉगस्पॉट दिया गया है।
यह एक अच्छा प्रयास है। पर और भी अच्छा लगता कि लेखिका हिन्दी ब्लॉगजगत के समूचे परिदृश्य को निष्पक्ष रहकर ,ठहरकर देखतीं ।अन्य ब्लॉग पर हो रहे स्त्री विमर्श को भी स्थान देतीं और चोखेर बाली के नामोल्लेख के साथ कुछ परिचयात्मक भी कहतीं।पर कुल मिलाकर यह हिन्दी ब्लॉग्स के लिए अच्छा है कि प्रिंट की चर्चा मे लगातार बनें हुए हैं।

7 comments:

Anonymous said...

'साथ ही एक छोटी सी भूल यह है कि मानोशी के ब्लॉग का पता उन्मुक्त ब्लॉगस्पॉट दिया गया है।' शायद आप ठीक ही कहती हैं, यह '...उतनी छोटी नहीं' है।

Ashok Pande said...

सुजाता और इस ब्लॉग के बाक़ी सदस्यों को इस से संबल मिलेगा. मेरी अभिलाषा है.

बधाई!

Indian Home Maker said...

'पर कुल मिलाकर यह हिन्दी ब्लॉग्स के लिए अच्छा है कि प्रिंट की चर्चा मे लगातार बनें हुए हैं। ' - सुजाता और इस ब्लॉग के बाक़ी सदस्यों को बधाई :)

Manoshi Chatterjee मानोशी चटर्जी said...

on a lighter note- ये तो अच्छा है कि उन्मुक्त जी अच्छा लिखते हैं, और उनका ब्लाग एक उमदा ब्लाग है, मानोशी समझ के कोई पढ़ भी ले तो बदनामी तो नहीं ही होगी। :-)

Manoshi Chatterjee मानोशी चटर्जी said...

http://unmukt.blogspot.com पर जा कर देखा, एक ही पोस्ट है, ये कोई और उन्मुक्त जी हैं शायद। :-)

Suresh Gupta said...

वधाई हो.

उन्मुक्त said...

मनोशी जी,
मेरे बारे में अच्छी बातें के लिये शुक्रिया।

http://unmukt.blogspot.com पता उन्मुक्त का नहीं है। यह पता 'ऊन्मुक्त' का है। दोनो के न केवल लिखने पर उच्चारण में फर्क है। मेरा पता तो
http://unmukt-hindi.blogspot.com/
है।

अनुप्रिया के रेखांकन

स्त्री को सिर्फ बाहर ही नहीं अपने भीतर भी लड़ना पड़ता है- अनुप्रिया के रेखांकन

स्त्री-विमर्श के तमाम सवालों को समेटने की कोशिश में लगे अनुप्रिया के रेखांकन इन दिनों सबसे विशिष्ट हैं। अपने कहन और असर में वे कई तरह से ...