
पिछले दिनों दिवाली मनाने घर गये हुये थे अम्मा की सहेलियों के साथ गप्पों का सिलसिला आगे बडा और बातों बातों मे मालूम हुआ की बांदा जिले में "गुलाबी गैंग" महशूर है गुलाबी गैंग मैंने आश्चार्य से पूछा, ये क्या बला है भला? मालूम हुआ गुलाबी गैंग औरतों का गैंग है जो औरतों के लिये काम करता है और जिसकी लीडर हैं श्रीमती समंपत पाल देवी गुलाबी गैंग इसलिये है क्यों की गैंग में शामिल औरते गुलाबी साङी पहनती हैं, वे गाँव-गाँव जाकर औरतों से बात करती हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने पर जोर देती हैं, औरतों को कैसे अपनी सुरक्षा करनी चाहिये इस बात की जानकारी देती हैं और ये भी पूछती है कि उन्हें किसी भी प्रकार की तकलीफ तो नहीं या कोई उनका शोषण तो नहीं कर रहा संमपत पाल देवी जी ने कुछ समय सरकारी नौकरी की लेकिन उनको तो कुछ और ही करना था सो वो नौकरी छोङ अपना एक दल बना लिया और देखते ही देखते कांरवा बन गया आज करीब १५०-२०० औरते उनके साथ मिलकर काम कर रही है समाज के लिये और औरतों के लिये "गुलाबी गैंग" भारत के छोटे -छोटे कस्बों तक ही सिमित नहीं हैं वो अपनी पहचान विदेशों मे भी बना चुका है है ना कमाल, यकीन ना हो तो खुद ही पङ लिजिये
5 comments:
संगीता,
सबसे पहले सबसे आखिरी बात का जवाब---
हां, हम भी मिलकर ऐसा कुछ जरूर कर सकते हैं। बस, मिलने की और योजना बनाने की देकर है, संसाधन जुटते चले जाते हैं।
वाकई बहुत शानदार काम है जो वो गांव की औरतें मिल कर कर रही हैं। उनको हज़ारों सलाम। उनकी प्रेरणा से जरूर और भी ऐसी उत्साही महिलाएं आगे आएंगी, ऐसी उम्मीद है।
मैंने सोचा था 'गुलाबी' रंग सिर्फ स्तन कैंसर की जागरूकता के लिए अमरीकियों का सुझाया रंग है, पर यह तो हमारे इतने करीब है, पता ही नहीं था।
इस शानदार खबर पर पोस्ट के लिए धन्यवाद।
" अक्कल" किसी भी खेमे से चलकर आये - स्वागत है -
"गुलाबी गैँग ज़िँदाबाद जी !"
सँगीता , बहुत बढिया समाचार हैँ -
स स्नेह,
- लावण्या
नारी शक्ति
की
जीवंत मिसाल
बढ़ती रहे सदा
साल दर साल।
संगठन ही शोषितों का औजार है। वही उन्हें आगे बढ़ा सकता है। गुलाबी गेंग विश्वव्यापी हो यही कामना है।
संगीता जी,
गुलाबी गैंग की ख़बर पोस्ट करने का धन्यवाद!
गैंग की हिम्मत को नमस्कार---
सुधा ओम ढींगरा
Post a Comment