Wednesday, March 9, 2011

8 th March 2011

Happy Women's day to all !!!
where are all our friends ?

वो खुद तय करते   है
मंजिल आसमानों  की ,
परिंदों  को नहीं दी जाती
तालीम उड़ानों  की .............

2 comments:

आर. अनुराधा said...

सब यहीं है, कोई किसी खुराफात में लगा है, तो कोई किसी। कोई आयोजन कर रहा है तो कोई उस आयोजन में शामिल हो रहा है। आपसी मेल-मुलाकात, खाना-पीना, मटरगश्ती सब कुछ... इन सबमेंआपने चोखेर.. को भी शामिल किया। :-)

Asha Joglekar said...

काश हर औरत अपने उडान की मंजिल खुद तय कर पाए ।

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